- जनजाति सेवा सहकारी सोसाइटियों को प्रबंधकीय अनुदान - अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आदिम जाति कृषि साख सहकारी सोसाइटियां शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में कार्य कर रही है, इन सोसाइटियों को विभिन्न योजनाओं के संचालन में प्रबंधकीय वित्तीय भार अधिक होने पर हानि हो रही है। अतः ऐसी सोसाइटियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाए रखने के लिए प्रबंधकीय अनुदान उपलब्ध कराया जाता है ताकि सोसाइटी अपने व्यवसायिक कार्यों का संचालन सुचारू रूप से कर सके.
इस योजना के अंतर्गत केवल आदिम जाति कृषि साख सहकारी सोसाइटियां ही पात्र होती है। वे सोसाइटियां जिन्हें विगत वर्ष रूपये 10,000 से अधिक की हानि हुई हो उन्हें अधिकतम 10,000 रूपये का प्रबंधकीय अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। जिस सोसाइटी को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी उसे आगामी तीन वर्षों तक आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी.
पात्र सोसाइटी का प्रस्ताव संबंधित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा संकलित कर जिले के उप/सहायक आयुक्त सहकारिता एवं उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा परीक्षण उपरांत आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं को प्रस्तुत किया जाता है, जिसे आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा अनुषंसा सहित राज्य शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाता है.
सहकारी शक्कर कारखाना धनवेष्ठन/ऋण - इस योजना के अंतर्गत नवीन सहकारी शक्कर कारखानों की स्थापना, विस्तार, कारखाना द्वारा कृषकों से समर्थन मूल्य मे गन्ना खरीदी एवं उनके संचालन के लिए आवश्यक कार्यषील पूंजी हेतु राज्य शासन द्वारा आर्थिक सहायता ऋण, अंषपूजी में धनवेष्ठन तथा अनुदान के रूप में सहायता उपलब्ध करायी जाती है.
प्रदेश में स्थापित सहकारी शक्कर कारखाना जो गन्ना पेराई का कार्य कर रहे हैं तथा बकाया शासकीय राशि की अदायगी करने हेतु सक्षम हैं, पात्र होगें.
- ऋण के रूप में सहायता :- नवीन कारखाने की स्थापना एवं स्थापित कारखाने के विस्तार हेतु ऋण के रूप में आर्थिक सहायता शासन की स्वीकृति पर दी जाती है। ऋण राषि का निर्धारण आयुक्त सहकारिता/राज्य शासन द्वारा किया जाता है। कारखाना को गन्ना खरीदी एवं कारखाने के संचालन हेतु कार्यषील पूंजी ऋण दी जाती है। ऋण पर प्रभारित ब्याज का दर 9.5 प्रतिषत होती है। कार्यषील पूंजी ऋण की वापसी की अधिकतम अवधि 01 वर्ष होगी। किस्त अदायगी में चूक करने पर 3 प्रतिषत दण्ड ब्याज देय होता है.
- अंशपूंजी में धनवेष्ठन : - राज्य शासन की स्वीकृति पर नवीन कारखाने की स्थापना एवं स्थापित कारखाने के विस्तार हेतु आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं के प्रस्ताव अनुसार राज्य शासन की स्वीकृति पर उपलब्ध करायी जाती है। स्वीकृत अंषपूंजी की राषि सामान्यतः 05 वर्ष पष्चात् 10 समान किस्तों में वापसी योग्य होती है.
- अनुदान : - किसी विषेष कार्य हेतु राज्य शासन की स्वीकृति पर अनुदान दिया जाता है.
- ठाकुर प्यारे लाल सिंह पुरस्कार - सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसी एक सोसाइटी/व्यक्ति को पुरस्कार प्रदान किया जाता है.
- कृषक ऋण ब्याज दर युक्तियुक्तकरण हेतु ब्याज अनुदान - कृषकों को सहकारी सोसाइटियों /बैंकों के माध्यम से कृषि मत्स्य पालन, लाख पालन एवं उद्यानिकी हेतु ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण तथा परम्परागत गौ पालकों को अल्प ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका विवरण निम्नानुसार है :-
- कृषकों को कृषि प्रयोजन हेतु राशि रू. 05 लाख तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है.
- मत्स्य पालक, मत्स्य पालक समूह एवं प्राथमिक मत्स्य पालक सहकारी सोसाइटियों को राशि 03.00 लाख रुपये तक का अल्पकालीन ऋण ब्याज मुक्त (0% ब्याज दर) उपलब्ध कराया जाता है.
- उद्यानिकी कार्यों हेतु उद्यानिकी कृषकों को दिये जाने वाले अल्पकालीन ऋण राशि 03.00 लाख रुपये तक का अल्पकालीन ऋण ब्याज मुक्त (0% ब्याज दर) उपलब्ध कराया जाता है.
- लाख उत्पादक कृषकों को सहकारी सोसाइटी के माध्यम से दिये जाने वाले राशि 02.00 लाख रुपये तक का अल्पकालीन लाख उत्पादन ऋण ब्याज मुक्त (0% ब्याज दर) उपलब्ध कराया जाता है.
- गौपालन हेतु ऋण परंपरागत गौपालक कृषकों को रूपये 2.00 लाख तक का ऋण 1% ब्याज दर पर एवं रूपये 2.00 लाख से अधिक एवं रूपये 3.00 लाख तक के ऋण 3% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है.
- सहकारी सोसाइटियों को अनुदान - प्रदेश के 1333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुर्नगठन फलस्वरूप वर्ष 2020 में नवगठित 725 सोसाइटियों के संचालन एवं कार्यालय व्यवस्था हेतु एकमुष्त अनुदान राषि रू. 50,000/- प्रति सोसाइटी आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है.
- कृषि साख स्थिरीकरण निधि को सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सहकारी बैंक को ऋण - प्राकृतिक विपदा होने पर अल्पकालीन कृषि ऋण को मध्यकालीन ऋण में परिवर्तन किये जाने हेतु योजना संचालित है। इसके लिए कृषि साख स्थिरीकरण निधि को सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सहकारी बैंकों राज्य शासन का 2.50% हिस्सा ऋण के रूप में प्रदान किया जाता है.
- डिजिटाइजेशन ऑफ प्राइमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव्ह सोसाइटीज - केन्द्र प्रवर्तित योजना का मुख्य उद्देष्य प्रदेष की समस्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों का कम्प्यूटरीकरण करना है, जिससे सोसाइटियों की कार्यप्रणाली में दक्षता, जवाबदेही, पारदर्षिता तथा लाभप्रदता में सुधार लाया जा सके.
- परियोजना वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक कुल 05 वर्ष में पूर्ण की जानी है.
- भारत सरकार द्वारा प्रति सोसाइटी लागत राशि रू. 3.91 लाख निर्धारित है.
- इस परियोजना की लागत को केन्द्र शासन एवं राज्य शासन का 60:40 के अनुपात में वहन किया जाना है.
- योजना के लिए सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाना है, जिसकी लागत एवं प्रशिक्षण से संबंधित व्यय भारत सरकार एवं नाबार्ड द्वारा वहन किया जाना है.
- मक्का प्रसंस्करण इकाई की डूबंत व्यय की प्रतिपूर्ति - योजनांतर्गत जिला कोण्डागांव में माँ दंतेष्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी सोसाइटी कोण्डागांव में मक्का उत्पाद हेतु संयंत्र के स्थान पर मक्का आधारित इथेनॉल संयंत्र का निर्माण किया जा रहा हैं। इथेनॉल प्लांट की स्थापना किये जाने के कारण सोसाइटी को हुई हानि राषि रू. 5.99 करोड़ की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है.
- कम्प्यूटराईजेषन ऑफ स्टेट रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसाइटीज ऑफिस - केन्द्र प्रवर्तित योजनांतर्गत विभाग के पंजीयक कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ जिला कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण कर कम्प्लीट डिजिटल इको सिस्टम तैयार करना तथा फुल्ली पेपपलेस किये जाने हेतु प्रावधान.
- छत्तीसगढ़ सहकारी प्रषिक्षण संस्थान हेतु भवन निर्माण - छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अधीन सहकारी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करने हेतु भवन निर्माण के लिए प्रावधान.
- सहकारी सोसाइटियों के लिए अंशपूंजी - इस योजना का मुख्य उद्देष्य ऋण देने वाली सहकारी सोसाइटी की उधार क्षमता में वृद्धि करना है ताकि सोसाइटी को कार्य व्यवसाय के लिए पूंजी उपलब्ध हो सके। वर्तमान मे राज्य शासन द्वारा सहकारी बैंको अर्थात राज्य सहकारी बैंक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों, सहकारी शक्कर कारखानों एवं विपणन सहकारी सोसाइटियों के अंषपूंजी में निवेष किया जाता है.
- सहकारी सोसाइटियों में अनुसचित जाति एवं जनुसूचित जनजाति वर्ग के सदस्य बनाने के लिए अंशक्रय हेतु अनुदान – प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी सोसाइटियों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के सदस्य बनाने तथा कमजोर वर्ग के हरिजन कृषकों एवं श्रमिकों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों के सदस्य बनाने हेतु, सोसाइटी को अंषक्रय उपलब्ध कराने से इन वर्गों के सदस्यों को सोसाइटियों के माध्यम से कृषि साख की उपलब्धि के साथ ही ब्याज अनुदान का लाभ भी उपलब्ध होगा.
- सोसाइटी के कार्य क्षेत्र में रहने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक.
- सोसाइटी की नवीन सदस्यता ग्रहण करने के लिए अनुदान दिया जायेगा.
- अंषक्रय अनुदान की राशि पात्र कृषकों को नगद नहीं दी जायेगी। सोसाइटी द्वारा सदस्य के अंषपूंजी के खाते में जमा की जायेगी.
- सोसाइटी को योजनांन्तर्गत राशि रू. 500/- प्रति सदस्य के मान से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है.
- सोसाइटी को एक वित्तीय वर्ष मे अधिकतम राशि रू. 50,000/- की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है.
- अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना - प्रदेश के सभी कृषकों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों से लिये गये अल्पकालीन कृषि ऋण दिनांक 30.11.2018 तक का ऋण माफ किया गया.
- नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण योजना - जर्जर/गोदाम विहिन 100 सोसाइटियों हेतु राज्य शासन द्वारा नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के माध्यम से ऋण प्राप्त कर प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों में 200 मी.टन क्षमता का गोदाम सह कार्यालय के निर्माण की योजना बनाई गई है। योजना की कुल लागत रु. 21.11 करोड़ है। योजनांतर्गत सरगुजा एवं बस्तर संभाग में अपेक्षाकृत सोसाइटियों का कार्यक्षेत्र वृहद होने एवं व्यवसाय कम होने के कारण ऐसे क्षेत्रों की 20 सोसाइटियों का योजना में अंशदान 10 प्रतिशत तथा राज्य शासन की सहायता 90 प्रतिशत होगी। प्रदेश के शेष संभाग की 80 सोसाइटियों का योजना में अंशदान 20 प्रतिशत तथा राज्य शासन की सहायता 80 प्रतिशत होगी.
- प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को बहुद्देशीय सहकारी सोसाइटियों में उन्नयन हेतु अनुदान - प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को परम्परागत कार्य व्यवसाय के अतिरिक्त अन्य कार्य करने हेतु जिससे सोसाइटी को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके, राज्य शासन द्वारा प्रति सोसाइटी राशि रू. 10.00 लाख अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। योजनान्तर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त करने हेतु सोसाइटी के प्रस्ताव के साथ कार्य योजना तैयार कर उपलब्ध कराया जाना आवष्यक है.
- प्रोजेक्ट की अधिकतम लागत राशि रू. 25.00 लाख होगी, जिसमें से शासन द्वारा 10 लाख रूपए वित्तीय सहायता तथा शेष राषि सोसायटी को स्वयं के साधन से अथवा ऋण प्राप्त कर लगानी होगी.
- एक सोसाइटी को अधिकतम वित्तीय सहायता की पात्रता राशि रू. 10.00 लाख होगी.
- पात्र सोसाइटी को केवल एक बार वित्तीय सहायता देय होगी.
- राज्य/जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों का सहकारी बैंकों में विलय - राज्य/जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों का सहकारी बैंकों में संविलियन करने से सहकारी बैंक को होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति हेतु अनुदान के प्रावधान हेतु.
विपणन सहकारी सोसाइटियों का सुदृढ़ीकरण - विपणन सहकारी सोसाइटियों का सुदृढ़ीकरण इस योजना का मुख्य उद्देश्य विपणन सहकारी सोसाइटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है। प्रदेश की कुछ विपणन सहकारी सोसाइटियां लाभ अर्जित कर रही है तथा विपणन सहकारी सोसाइटियों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है किन्तु पर्याप्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध न होने के कारण नया व्यवसाय प्रारंभ करने में सक्षम नहीं है एवं भूमि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसी सोसाइटियों को नया कार्य/ व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए राज्य शासन द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
इस योजना के अन्तर्गत विपणन सहकारी सोसाइटियों को उनके द्वारा विभिन्न प्रकार के व्यवसाय करने हेतु 01.04.2014 से यह योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत विपणन सहकारी सोसाइटियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का स्वरूप निम्नानुसार है :-
ऋण अंशपूंजी अनुदान योग 50% 40% 10% 100% सोसाइटियों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज दर 10% है.
- अधीक्षण - संभाग/जिला स्तर पर विभागीय गतिविधियों के संचालन एवं नियंत्रण हेतु गठित कार्यालयों का संचालन व्यय इस मद से किया जाता है.
- निदेशन - आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं कार्यालय का संचालन व्यय इस मद से किया जाता है.
- राज्य सहकारी संघ को अनुदान - राज्य सहकारी संघ को प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन हेतु स्थापना तथा अन्य गतिविधियों हेतु अनुदान दिया जाता है.
- राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग की स्थापना - राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के कार्यालय के संचालन व्यय हेतु इस मद में प्रावधान किया गया है.
- छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिकरण - छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिकरण के कार्यालय के संचालन व्यय हेतु इस मद में प्रावधान किया गया है.