सफलता की कहानी
यह सहकार भावना से एकजुट हुए गांव, गरीब और किसानों की कहानी है। यह कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की प्रगति की कहानी है जो कि रायपुर से 40 किमी दूर भानसोज से जुड़ी है। यह कहानी सहकारी समिति भानसोज की है, जिन्होनें शुन्य से शिखर का सफर तय किया है। जब हम 1959 के भानसोज पर निगाह डालते है तब भानसोज इलाके में एक बड़ा गांव था।
छत्तीसगढ़ राज्य ने सहकारिता के माध्यम से औद्योगिक और ग्रामीण समृद्धि का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसानों की भागीदारी से स्थापित सहकारी शक्कर कारखानों ने न केवल गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक सशक्तिकरण दिया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग, रोजगार और ऊर्जा उत्पादन के नए अवसर भी सृजित किए।
समाज की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाकर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से इन महिलाओं के द्वारा उजाला महिला बहुउद्देशीय सहकारी संघ मर्यादित, बीरगांव का पंजीयन कराया गया है।